डॉक्टर्स और पुलिस पर हमला करने वालों पर योगी जी ने रासुका (राष्ट्रीय सुरक्षा कानून) के तहत कार्यवाही के निर्देश दिए क्या होता है रासुका कानून आइये जाने

 1. राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एन एस ए), या रासुका 23 सितंबर 1980, इंदिरा गांधी की सरकार के दौरान अस्तित्व में आया था | यह कानून, राज्य और केंद्र सरकार को एक ऐसे व्यक्ति को हिरासत में लेने का अधिकार देता है जो राष्ट्र की सुरक्षा के लिए खतरा बन चुका हो |
2. राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एन एस ए) में यह प्रावधान है कि सरकार, किसी संदिग्ध व्यक्ति को बिना किसी आरोप के 12 महीने तक जेल में रख सकती है |
3. (एन एस ए) के तहत, सम्बंधित अधिकारी को यह पावर है कि वह संदिग्ध व्यक्ति को बिना कारण बताए 5 दिन तक कैद में रख सकता है जबकि विशेष परिस्थितियों में यह अवधि 10 दिन तक हो सकती है | इसके बाद उसे राज्य सरकार की अनुमति जरूरी है |
4. (एन एस ए) के तहत, गिरफ्तार व्यक्ति सरकार द्वारा गठित किसी सलाहकार बोर्ड के समक्ष अपील कर सकता है लेकिन उससे मुकदमे के दौरान वकील की सहायता प्राप्त करने का हक नहीं है |
5. यह कानून, सरकार को किसी विदेशी को उसकी गतिविधि को नियंत्रित करने के लिए गिरफ्तार करने या देश से बाहर निकालने की शक्ति भी देता है |
6. अगर कोई अधिकारी किसी संदिग्ध को गिरफ्तार करता है तो उसे राज्य सरकार को इस गिरफ्तारी का कारण बताना पड़ता है | जब तक राज्य सरकार इस गिरफ्तारी का अनुमोदन (अप्रूवल) नहीं कर देती है तब तक गिरफ्तारी की अधिकतम अवधि 12 दिन से ज्यादा नहीं हो सकती है |
7. राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एन सी आर बी), (एन एस ए) के तहत मामलों को अपने डेटा में शामिल नहीं करता है क्योंकि इस कानून के तहत बहुत कम संख्या में एफआईआर दर्ज की जाती है | इसलिए, (एन एस ए) के तहत गिरफ्तार किए गए लोगों की संख्या के बारे में सटीक जानकारी नहीं है |

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Anshu
Anshu
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