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            कई जगह दावे किए जा रहे हैं कि गर्मी की मदद से कोरोना वायरस खत्म किया जा सकता है कई लोग कह रहे हैं कि पानी को गर्म करके पिजिए कई लोग कह रहे कि गर्म पानी से नहीं है सोशल मीडिया पर क्या-क्या नहीं कहा जा रहा अब जैसे इस एक पोस्ट को हि ले लीजिये जिसे कई देशों में हजारों लोगों ने शेयर किया है| इसमे दावा किया जा रहा है कि गर्म पानी पीने और सूरज की रोशनी में रहने से इस वायरस को मर जा सकता है इस दावे मे आइसक्रीम को ना खाने कि सलाह दी जा रही है| इतना ही नहीं इस मैसेज के साथ फर्जी तरीके से यह भी बताया जा रहा है कि तमाम बातें युनिसेफ़् ने कहि है| युनिसेफ़् के लिये काम करने वाली चार्लेट गोर्निक्स् कहती हैं कि हालहि मे एक मैसेज युनिसेफ़् के नाम से ऑनलाइन फैलाया जा रहा है कि आइसक्रीम और ठंडी चीजों से दूर रहने से इस वायरस से बचा जा सकता है यह पूरी तरह से झूठा मैसेज है|
         तो गर्मी का वायरस पर क्या असर पड़ेगा हम आपको बताएंगे | सबसे देखते है कि कोरोना वायरस कैसे फ़ैलता है कोरोना वायरस लिकविड ड्रोप्लेस यानि छिकते समय बहर आने वाली बुन्दो के माध्यमं से फ़ैलता है |

         अगर कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्ति छिखता है तो एक वक्त पर 3000 ड्रॉप्ड बाहर आते हैं इंट्रॉपरेट में करोड़ों कोरोनावायरस प्रोटीन कवरिंग में होते हैं शरीर से बाहर कितनी देर एक्टिव रहता है अमेरिकन नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर हेल्थ ने अपने रिसर्च में पाया है कि यह वायरस लिकविड ड्रोप्लेस में 3 4 घण्टे जिंदा रह सकता है ये लिकविड ड्रोप्लेस कुछ वक्त के लिये हवा मे तैर सकता है ड्रॉपलेट कुछ ऑफ के लिए हवा में तैर सकते हैं उसमें से कोई ड्रॉपलेट अगर लकड़ी पर पड़ा हो तो 24 घंटे से ज्यादा एक्टिव रह सकता है अगर वह Stainless Steel पर पड़ा तो दो-तीन दिन|
         इसका मतलब है कि जिसको कोरोना वायरस संक्रमण हुआ है और उसमें कुछ छुआ या छिका तो वही चीज आपने छुली और आंख नाक मुंह के जरिये आपके शरीर में वायरस चला गया तो संक्रमण हो सकता है | यह ध्यान रहे कि छूने से नहीं बल्कि आपके शरीर में जाने से संक्रमण होगा|

     अब देखते हैं कि गर्मी से कितना प्रभाव पड़ेगा |
          कोरोना वायरस 60 से 70 डिग्री सेल्सियस तक नष्ट नहीं हो सकता उतरा तापमान ना भारत में है और ना किसी के शरीर के अंदर, कुछ वायरस तापमान बढ़ने के बाद नष्ट होते हैं लेकिन कोरोना वायरस पर क्या परिणाम होता है इसके बारे में ब्रिटिश डॉक्टर सारा जारविस कहती हैं कि 2002 में सार्स महामारी नवंबर में शुरू हुई थी और जुलाई में खत्म हो गई थी तापमान बदलने की वजह से रुकी ये अब भी बताना मुश्किल है| वायरल लोजिस डॉ परेश पांडेय का कहना है कि अगर कोई भरी गर्मी मे छिका तो कोरोना ड्रोपेड जल्दी सुख् सकते हैं और कोरोना का संक्रमण कम हो सकता है लेकिन पुरी तरह से खत्म हो जाएगा यह कहना मुश्किल है हम जानते हैं कि फ्लू वायरस गर्मी के दौरान शरीर के बाहर नहीं रह पाता लेकिन हमें इस बारे में नहीं पता कि कोरोनावायरस पर गर्मी का क्या असर पड़ता है तो गर्मी में कोरोना नष्ट होगा इसका कोई ठोस सबूत नहीं है तापमान के भरोसे मत बैठिये कोरोनावायरस दुनिया भर में 100 से ज्यादा देशों में फैला है और उनमें ग्रीनलैंड जैसे थण्डे देश भी शामिल है और दुबई जैसे गर्म शहर भी मुंबई ह्यमिट शहर भी और दिल्ली जैसे ड्राय शहर भी|
एक बार अगर यह वायरस शरीर में घुस गया तो उसे मारने का तरीका अभी तक इजाद नहीं हुआ है|
हमारे शरीर को इससे लड़ना होगा हालांकि अगर हम अपनी बेडशीट को धोकर रखेंगे तो इस वायरस को वहां से जरूर हटा सकते हैं लेकिन शरीर में घुस चुका है तो वायरस को शरीर धोकर नहीं निकाला जा सकता|

Corona Virus Help Line Official Linkhttps://www.who.int/emergencies/diseases/novel-coronavirus-2019

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Anshu A.
Anshu A.
2 months ago

Bas ye Virus khatam ho jaye God…..

raj
raj
2 months ago
Reply to  Anshu A.

Yes

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